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Friday, 27 March 2015

अब सोनिया के वश में नहीं है कांग्रेस को खड़ा करनाः हंसराज

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद हासिए पर खड़ी कांग्रेस पर बाहर और अंदर से लगातार हमले हो रहे हैं। कभी राहुल तो कभी वाड्रा को लेकर पार्टी को लगातार हमले झेलने पड़ रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इतने महत्वपूर्ण समय में छुट्टी पर चले जाने को लेकर विरोधियों का तीखा हमला झेल रही कांग्रेस में अब अंदर से भी सवाल उठने खड़े हो गए हैं।

गांधी परिवार के करीबी और पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने प्रियंका गांधी को आगे लाने की वकालत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राहुल तो मार्केट में ही नहीं हैं और कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना बेचारी सोनिया के वश की बात नहीं है। भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस अब कभी दोबारा खड़ी नहीं हो सकेगी क्योंकि लोग अब इनकी सुनने तक को तैयार नहीं हैं।

भारद्वाज का मानना है कि अगर कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना है तो प्रियंका को आगे लाना होगा। प्रियंका को आगे लाए बिना यह संभव नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद सोनिया-राहुल पर पार्टी नेताओं ने पहले भी हमले किए हैं लेकिन पहली बार गांधी परिवार के किसी वरिष्ठ नेता ने दोनों नेताओं पर सार्वजनिक और तीखा हमला बोला है।


लैंड बिल पर सोनिया ने की मोदी सरकार की आलोचना

लैंड बिल पर बहस करने के राजग सरकार के अनुरोध को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बिल को किसान विरोधी बताते हुए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है। सोनिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार गरीब विरोधी है। कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सरकार समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ समझौता कर रही है।

सोनिया गांधी ने भूमि अधिग्रहण बिल के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नये विधेयक में लाए गए बदलाव का समर्थन नहीं करती है। गौरतलब है कि गडकरी ने सोनिया को इस मुंद्दे पर खुली बहस करने का अनुरोध किया था।

सोनिया ने सरकार से क्षुद्र राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठने और भूमि विधेयक को संपूर्ण रूप से वापस लेने को कहा। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं कर सकती जो किसानों को नुकसान पहुंचाता हो। उन्होंने कहा कि एकतरफा ढंग से किसान विरोधी कानून थोपने के बाद चर्चा का प्रस्ताव लाना, दलों के बीच आमसहमति बनाने का मखौल उड़ाना है।

 

पार्टी में अपनी मनमानी चाहते थे केजरीवालः प्रशांत भूषण

शनिवार को होने वाली आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले पार्टी में तूफान मचा है। पता चला है कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के बाद पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता आनंद कुमार ने भी विद्रोह का झंडा बुलेद कर दिया है।

आज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस करके पार्टी पर हमला बोला। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि यह आंदोलन से पैदा हुई पार्टी है। लेकिन कार्यकर्ताओं का विश्वास टूटा है। हम पार्टी में स्वराज चाहते थे। हम चाहते थे पार्टी में पारदर्शिता लागू हो। हम चाहते थे कार्यकर्ता भी अपनी बातें खुल कर रख सकें। हमने संयोजक का मुद्दा कभी नहीं उठाया। यादव ने कहा, आम आदमी पार्टी कोई आम पार्टी नहीं है।पिछले एक महीने से कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उम्मीदें टूटी हैं।

यादव ने कहा, 'आम आदमी पार्टी में मर्यादा उल्लंघन की जांच आंतरिक लोकपाल से कराई जानी चाहिए। कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं, उनकी बात सुनी जाए। कांग्रेस और भाजपा की तरह कार्यकर्ताओं के साथ बर्ताव न किया जाए। हम जो पारदर्शिता का सिद्धांत सारी दुनिया पर लागू करते हैं, उसे अपने ऊपर भी लागू करें। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जितने खाली पद हैं, उन्हें सीक्रेट बैलेट के जरिए भर दिया जाए।'




Wednesday, 25 March 2015

अब अमेठी में भी चिपके मिले राहुल गांधी के गायब होने के पोस्टर

कई हफ्तों से अज्ञातवास में चल रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष व अमेठी के सांसद राहुल गांधी के ‘गायब’ होने के पर्चे मंगलवार को अमेठी रेलवे स्टेशन पर चिपकाए गए। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि ये किसने चिपकाए हैं। इससे नाराज कांग्रेसियों ने आक्रोश जताया और इन्हें फाड़ दिया।

अमेठी रेलवे स्टेशन पर चस्पा ‘गायब सांसद अमेठी’ पर्चो में राहुल गांधी की फोटो के साथ ही विकास के नाम पर नेतृत्वहीन अमेठी, किसानों, विद्यार्थियों की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव के साथ ही बाहरी प्रतिनिधि के माध्यम से लोकसभा क्षेत्र को चलाने जैसे दस सवाल लिखे हैं।

कहां तुम चले गए...

सबसे नीचे एक स्लोगन.. ‘जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए, न चिट्ठी न कोई संदेश जहां तुम चले गए, ..लिखा हुआ है। निवेदक लोकसभा क्षेत्रवासी गण अमेठी के साथ ही पर्चे की लाइनें खत्म हुई हैं। इसकी भनक लगते ही कांग्रेसियों ने सभी पोस्टरों को फाड़ दिए। राहुल के प्रतिनिधि चंद्रकांत दूबे ने प्रतिक्रिया में कहा कि राहुल गांधी बाहर गए हुए हैं। यह सबको मालूम है। वह बतौर सांसद अमेठी को लेकर हमेशा फिक्रमंद रहते हैं। वह अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभा रहे हैं।

Thursday, 19 March 2015

लैंड बिल पर गडकरी ने दिया सोनिया व अन्ना को खुली बहस का न्योता

भूमि अधिग्रहण बिल पर चौतरफा घिरी राजग सरकार के मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गांधीवादी अन्ना हजारे सहित राजनीतिक दल के नेताओं से इस मुद्दे पर खुली बहस करने का अनुरोध किया है। सरकार इस विधेयक को लोकसभा में पास करा चुकी है लेकिन उसके लिए इस बिल को राज्यसभा में पास कराना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि राज्यसभा में सरकार को बहुमत नहीं है।

उधर, कांग्रेस पार्टी मौके को भांपकर सरकार को इस मुद्दे पर बैकफुट पर लाने की कोशिश में जुट गई है। इस काम में कांग्रेस को अन्य विपक्षी पार्टियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस बात का अनुमान दो दिन पहले सोनिया के नेतृ्त्व में संसद से राष्ट्रपति भवन तक निकाले गए मार्च से लगाया जा सकता है। इस मार्च में कांग्रेस सहित 14 पार्टियां शामिल थी।

अब सरकार के खिलाफ इस अभियान में कांग्रेस को गांधीवादी अन्ना हजारे का सहयोग भी मिलता दिख रहा है। सरकार को घेरने में अब दोनों पास आते दिख रहे हैं। एेसे में सरकार की परेशानी बढ़ती जा रही है। उधर सरकार भी इस बिल पर झुकने को तैयार नहीं है।

Thursday, 12 March 2015

आरोप साबित हो जाए तो राजनीति से संन्यास ले लूंगाः संजय

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ऑडियो टेप सामने आने के बाद पार्टी के कई नेता घिरते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता आसिफ मोहम्मद ने दावा किया है कि संजय सिंह ने उन्हें लालच दिया था। आसिफ मोहम्मद का कहना है कि अगर संजय सिंह ने आरोप से इन्कार किया, तो वे सबूत पेश करेंगे। उधर, संजय सिंह ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा है कि आसिफ से उन्होंने मुलाकात की थी लेकिन पैसे के लेनदेन की कोई बात नहीं हुई थी।

संजय सिंह ने कहा कि अगर पैसे के लेन-देन की बात साबित होती है, तो मैं राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लूंगा। संजय सिंह ने उल्टा आसिफ पर ही आरोप लगाया कि वे सरकार बनवाने के लिए आतुर थे और इस सिलसिले में उन्होंने नितिन गडकरी, रामवीर विधुड़ी जैसे भाजपा के नेताओं से मिलने की बात की। संजय सिंह ने कहा कि आसिफ कहते थे कि भाजपा उन्हें उप मुख्यमंत्री बना रही है।

Monday, 9 March 2015

पीएम के बयान पर बिफरा विपक्ष, कांग्रेस ने बताया 'घड़ियाली आंसू'

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई को लेकर आज संसद में खूब हंगामा हुआ। विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस मुद्दे पर सफाई दी, जिस पर कांग्रेस तंज कसते हुए कांग्रेस ने उसे घड़ियाली आंसू करार दिया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने संसद में दिए प्रधानमंत्री के बयान को स्पष्टीकरण कम और घड़ियाली आंसू ज्यादा बताया है। उनहोंने कहा कि गृहमंत्री ने अपने बयान में ये कहने की कोशिश की थी कि 2012 के बाद से मसर्रत आलम को जेल में बंद रखना गैरकानूनी था। इस बात को लेकर उन्होंने (मनीष तिवारी) प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या मसर्रत राजनीतिक कैदी नहीं है।

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने प्रधानमंत्री के जानकारी न होने वाले बयान को संदाहस्पद बताया है। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे घड़ियाली आंसू बहाने का दिखावा न करें बल्कि राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ ठोस नीति बनाएं।

मसर्रत पर महाभारत, पीएम बोले- ऐसी कोई हरकत बर्दाश्त नहीं

लगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने लोकसभा में मसर्रत का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। पहले तो सरकार ने गृहमंत्री से काम चलाने की कोशिश की। लेकिन विपक्ष पीएम के बयान के लिए अड़ा रहा। विपक्ष की मांग पर पीएम ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा जम्मू में सरकार में हिस्सेदार है, उसकी आलोचना का पूरा हक विपक्ष को है। लेकिन सरकार आपको आश्वस्त करना चाहती है कि ऐसी किसी भी हरकत को स्वीकार नहीं करती है। हमेशा संविधान की मर्यादाओं में कदम उठाए जाते रहे हैं। अब भी उठाए जा रहे हैं और आगे भी उठाए जाते रहेंगे।

पीएम ने कहा कि ये आक्रोश किसी एक दल का नहीं है। यह आक्रोश पूरे देश का है और देश की एकता-अखंडता के लिए जो भी आवश्यक होगा, उस पर सरकार पीछे नहीं हटेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के निर्णय के बारे में भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। अलगाववादी समर्थकों को हम हमारा आक्रोश अभिव्यक्त करते हैं।जम्मू-कश्मीर सरकार ने केन्द्र से कोई सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि कुछ बातों पर हमने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।

गृहमंत्री ने कहा कि हम राजनीति सरकार नहीं देश बनाने के लिए करते हैं। मसर्रत अालम की रिहाई के बारे में जैसे ही सरकार को जानकारी हुई। सरकार ने तुरंत उसकी रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट के मुताबिक 1995 से अब तक उसके ऊपर कुल 27 मामले दर्ज हैं। उसे 2010 में गिरफ्तार किया गया था।

Tuesday, 3 March 2015

अफजल के खिलाफ नहीं थे पर्याप्‍त सबूत, फिर भी दी फांसी: मणिशंकर

 कांग्रेस के दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर एक विवादित बयान देकर सबको चौंका दिया है। मणिशंकर का कहना है कि संसद भवन पर हमले के दोषी अफजल गुरु को जब फांसी पर लटकाया गया, तो वह बहुत परेशान हुए थे। साथ ही मणिशंकर का यह भी कहना है कि अफजल गुरु के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के बावजूद उसे फांसी की सजा दे दी गई।

मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'अफजल गुरु को जब फांसी दी गई, तो मुझे बहुत दुख हुआ था। तब मैं बहुत परेशान हो था। अफजल गुरु के खिलाफ इतने सबूत ही नहीं थे, जिनके दम पर उसे फांसी की सजा दी जाती।'

मणिशंकर अय्यर यहीं नहीं रुके, उन्होंने यहां तक कह दिया कि अफजल गुरु के परिवार को उनके शव के अवशेष सौंप देने चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अफजल गुरु के परिवार के साथ अन्याय किया गया है। मैं हमेशा से ही मानता आया हूं कि अफजल गुरु के परिवार को उनके शव के अवशेष सौंप देने चाहिए।'

 

संसद में मुफ्ती के बयान की निंदा करें पीएम मोदी: खड़गे

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में जम्मू एवं कश्मीर के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के विवादित बयान की निंदा करें। मुफ्ती ने मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद कहा था कि जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव के पीछे पाकिस्तान और हुर्रियत नेताओं का हाथ रहा।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को संसद में मुफ्ती के बयान से पल्ला झाड़ लिया था। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार और भाजपा जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के बयान से इत्तेफाक नहीं रखती है। पाकिस्तान में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के पीछे चुनाव आयोग, वहां की आवाम और सेना का मुख्य योगदान रखा।' साथ ही राजनाथ सिंह ने साफ किया कि यह बयान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विचार विमर्श करने के बाद दे रहे हैं। प्रधानमंत्री का भी इस मुद्दे पर यही रुख है।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती साहब को यह लगता है कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने में पाकिस्तान और हुर्रियत का हाथ रहा। लेकिन सच्चाई यह है कि इसके लिए जम्मू-कश्मीर की जनता और चुनाव आयोग जिम्मेदार है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि वह सदन में मुफ्ती के बयान की निंदा करें।'

 

Monday, 2 March 2015

अजय माकन दिल्ली, संजय निरुपम मुंबई के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए

राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने से पहले पार्टी संगठन में फेरबदल की शुरुआत हो गई है। इसी कवायद के तहत कांग्रेस हाईकमान ने अजय माकन को दिल्ली और संजय निरुपम को मुंबई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

इसके साथ ही महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चौहान को महाराष्ट्र का गुलाम मीर को जम्मू- कश्मीर का और उत्तम रेड्डी को तेलंगाना का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अशोक चौहान, मानिक राव ठाकरे के स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं जबकि गुलाम मीर को सैफुद्दीन सोज की जगह प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन नियुक्तियों के बारे में फैसला राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने से पहले ही हो गया था। बताया गया है कि कुछ और राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को बदला जाएगा।




विपश्यना के लिए थाईलैंड में हैं राहुल गांधीः सूत्र

कांग्रेस के एक बड़े नेता के हवाले से खबर आ रही है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी थाईलैंड में हैं। राहुल गांधी वहां पर योग कर रहे हैं। वे विपश्यना के लिए थाईलैंड गए हैं। विपश्यना, ध्यान का एक तरीका है।

प्रियंका गांधी को कांग्रेस महासचिव बनाए जाने की अटकलों के बीच जब आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बारे में कुछ कहने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब वे लौटकर आ जाएंगे तो आपको पता चल जाएगा कि वे कहां गए थे।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव व उसके बाद कई राज्यों में लगातार कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी की क्षमता पर पार्टी के अंदर और बाहर प्रश्न उठने लगे हैं। इतना ही नहीं कुछ दिनों पहले कानपुर में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राहुल से इस्तीफे की भी मांग कर डाली। उनका कहना था कि राहुल पद छोड़ें आैर दूसरे को मौका दें। इस बीच प्रियंका गांधी के भी महासचिव बनाए जाने की अटकलें उठ रही हैं। लेकिन इन बातों पर से पर्दा राहुल के वापस लौटने पर ही उठ पाएगा।

 

Friday, 27 February 2015

एस्सार लीक मामला : गडकरी के लिए क्रूज तो दिग्विजय ने दिलाई थी नौकरियां

एक अंग्रेजी अखबार ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि किस तरह उद्योगपति रुइया परिवार के एस्सार समूह ने कथिततौर पर अपने खर्च पर भाजपा के बड़े नेता नितिन गडकरी को सपरिवार क्रूज की सैर कराई। कंपनी के आंतरिक ईमेल और अन्य वार्तालापों में पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के साथ ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा सांसद वरूण गांधी के नाम भी हैं।

एक व्हिसलब्लोअर ने ये जानकारी जुटाई है, जिसे लेकर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। कंपनी के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत से संदेह है कि कंपनी ने अपने हितों को साधने के लिए मंत्रियों, नौकरशाहों और पत्रकारों को लालच दिया।

इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इन दस्तावेजों के आधार पर जब एस्सार के प्रवक्ता से सवाल किए, तो जवाबी ईमेल में बताया गया कि कंपनी से जुड़े ईमेल से कुछ डेटा चोरी किया गया है और उसके साथ छेड़खानी की गई है। वे इस बारे में पहले ही दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कर चुके हैं।

 

Thursday, 26 February 2015

विपक्ष और आम जनता ने रेल बजट को बताया निराशाजनक

विपक्ष आैर आम जनता ने सुरेश प्रभु द्वारा पेश रेल बजट को निराशाजनक बताया है। कांग्रेस नेता और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि इस रेल बजट से उन्हें निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह कह कर अपना पीठ तपथपाना चाह रही है कि रेल भाड़े में कोई वृद्धि नहीं की गई है लेकिन यह कहकर आम जनता से धोखा किया जा रहा है। जब हमने रेल बजट पेश किया था उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की जो कीमत थी अब आधी रह गई है। इसे देखते हुए रेल भाड़े में कमी की जानी चाहिए थी।

पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने भी रेल बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस बजट में कुछ है ही नहीं। कांग्रेस के राजीव शुक्ला, जयप्रकाश जायसवाल ने भी रेल बजट की आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक बताया है। इन लोगों का कहना है कि इसमें जो घोषणाएं हुई है उसपर भी कोई अमल नहीं होने वाला। बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रेल बजट को आंखों में धूल झोंकने वाला बताया है।

इसी तरह से आम जनता भी इस रेल बजट से संशय की स्थित में हैं। बजट में कोई नए ट्रेन की घोषणा नहीं की गई है। साथ ही सुरक्षा को लेकर भी कोई खास घोषणा नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि बजट में घोषणाएं तो हर बार होती है लेकिन उस पर अमल नहीं होता। इस लिए हमने सरकार से उम्मीद करनी ही छोड़ दी है। टिकटों को लेकर परेशान लोगों ने कहा कि इस समस्या को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
 

रेल बजट से पहले वेंकैया नायडू के बयान पर लोकसभा में हंगामा

बजट से पहले संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू के बयान पर बवाल इतना बढ़ गया कि इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने कहा कि वेंकैया नायडू जब तक अपने बयान के लिए खेद प्रकट नहीं मांगेंगे, तब तक लोकसभा की कार्यवाही चलने नहीं दी जाएगी। हालांकि वेंकैया नायडू का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है।

अपने बयान पर सफाई देते हुए वेंकैया नायडू ने कहा, 'मैंने सदन को बताया कि पिछली सरकार ने क्या किया और हम क्या करने की योजना बना रहे है। मुझे पता लगा है कि इससे कुछ लोगों को दुख पहुंचा। हालांकि मेरा किसी को दुख पहुंचाने का इरादा नहीं था। हम विपक्ष का सम्मान करते हैं। मैं हमेशा सदन को सच बताता हूं। मैंने कोई असंसदीय बात नहीं की है। कांग्रेस नेता ने जो बयान दिया, वो भी दर्ज है, लेकिन हमने उस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।'

उधर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार का दायित्व सभी दलों को साथ लेकर चलना होता है। उन्हें ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। वेंकैया नायडू को अपने बयान पर खुद खेद प्रकट करें। यह हमारे सम्मान की बात है। सोनिया गांधी ने भी कहा कि वेंकैया नायडू को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
 

Wednesday, 25 February 2015

उत्तराखंड में छुट्टियां मना रहे राहुल, पार्टी ने किया खारिज

राहुल गांधी
राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सक्रिय राजनीति से कुछ दिन की छुट्टी पर जाने के बाद से ही ये सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वे हॉलीडे मनाने कहां गए हैं? इस सवाल पर विराम लगाया है खुद एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने, जिन्होंने राहुल की कुछ फोटो पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में बताया गया है कि राहुल उत्तराखंड में छुट्टियां मनाते हुए देवभूमि पर गंगा किनारे आगे की रणनीति बना रहे हैं। पहले कहा जा रहा था कि वे विदेश गए हैं। हालांकि कांग्रेस ने इन्हें वर्ष 2008 की राहुल की बेहद पुरानी तस्वीरें बताया है।

कांग्रेस नेता जगदीश शर्मा की तरफ से जारी तस्वीरों में राहुल उत्तराखंड में दिख रहे हैं। इन तस्वीरों में टेंट भी लगे हुए हैं, जहां राहुल फुर्सत के पल बिताते दिख रहे हैं। जगदीश शर्मा ने फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि 'मैं राहुल गांधी के बारे में सामने आ रही खबरों से काफी आहत था, लिहाजा मैंने उनकी तस्वीरें जारी करने का निर्णय लिया। राहुल वहां अकेले नहीं हैं। उनके साथ उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी टीम, कपड़े धोने वाला, खाना पकाने वाला भी है। मैं एक हजार करोड़ बार कह चुका हूं कि राहुल विदेश नहीं गए है।'

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
 

भूमि अधिग्रहण अध्‍यादेश के खिलाफ कांग्रेस का 'जमीन वापसी' आंदोलन

कांग्रेस
कांग्रेस
संसद के बाद अब कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को भूमि अधिग्रहण बिल के मुद्दे पर सड़क पर भी घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ 'जमीन वापसी आंदोलन' का एलान किया है। जयराम रमेश, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह और राज बब्बर समेत कई कांग्रेस नेता भूमि अधिग्रहण बिल के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर उतर आए हैं। कांग्रेस का कहना है कि एनडीए सरकार ने किसानों को धोखा दिया है अब उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के मुद्दे पर कांग्रेस अब खुलकर भाजपा के विरोध में उतर आई है। कांग्रेस के कई बड़े नेता जंतर-मंतर पर इस बिल का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने इस आंदोलन को 'जमीन वापसी आंदोलन' नाम दिया हैं। इस आंदोलन में लगभग 1000 किसान भाग ले रहे हैं। लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कमी यहां खल रही है।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
 

Tuesday, 24 February 2015

भारी हंगामे के बीच लोकसभा में भूमि अधिग्रहण बिल पेश

संसद
संसद
बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को लेकर संसद के सदनों में हंगामा जारी है। हंगामे के बीच ही ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में बिल पेश किया, जिसके बाद समूचे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट यह कर दिया।

शून्यकाल में कांग्रेस की ओर से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिंया ने मदर टेरेसा को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा की गई टिप्पणी का मुद्दा उठाया और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि टिप्पणी सदन के बाहर की गई है इसलिए सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

दूसरी अोर, राज्यसभा में सदन के नेता व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अब तक देश में 639 अध्यादेश के जरिये कानून लागू किए गए और उनमें से 80 फीसद कांग्रेस के शासनकाल में हुए। नेहरू के काल में 70 अध्यादेश लाए गए। संयुक्त मोर्चा सरकार के 18 महीने के कार्यकाल में 77 अध्यादेश लाए गए। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा यूपीए सरकार की जिस सरकार में मंत्री थे वह भी कई अध्यादेश पारित करा चुकी है। इसलिए अध्यादेश के जरिये संसद की अनदेखी का आरोप सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जब राज्यसभा में बिल पेश होगा तो सदस्य इस पर बहस करें और अगर किसी मुद्दे पर सहमति बनती है तो इसमें संशोधन भी किया जा सकता है। इस पर कांग्रेस के अानंद शर्मा ने कहा कि नेहरू के वक्त और आज के वक्त में बहुत अंतर है। जिस अध्यादेश का भाजपा विरोध करती थी वहीं काम उसकी सरकार क्यों कर रही है। कौन सा आपतकाल आ गया जो अध्यादेश लाया गया।

Source: Dainik Jagran News in Hindi