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Friday, 27 March 2015

अब सोनिया के वश में नहीं है कांग्रेस को खड़ा करनाः हंसराज

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद हासिए पर खड़ी कांग्रेस पर बाहर और अंदर से लगातार हमले हो रहे हैं। कभी राहुल तो कभी वाड्रा को लेकर पार्टी को लगातार हमले झेलने पड़ रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इतने महत्वपूर्ण समय में छुट्टी पर चले जाने को लेकर विरोधियों का तीखा हमला झेल रही कांग्रेस में अब अंदर से भी सवाल उठने खड़े हो गए हैं।

गांधी परिवार के करीबी और पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने प्रियंका गांधी को आगे लाने की वकालत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राहुल तो मार्केट में ही नहीं हैं और कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना बेचारी सोनिया के वश की बात नहीं है। भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस अब कभी दोबारा खड़ी नहीं हो सकेगी क्योंकि लोग अब इनकी सुनने तक को तैयार नहीं हैं।

भारद्वाज का मानना है कि अगर कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना है तो प्रियंका को आगे लाना होगा। प्रियंका को आगे लाए बिना यह संभव नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद सोनिया-राहुल पर पार्टी नेताओं ने पहले भी हमले किए हैं लेकिन पहली बार गांधी परिवार के किसी वरिष्ठ नेता ने दोनों नेताओं पर सार्वजनिक और तीखा हमला बोला है।


लैंड बिल पर सोनिया ने की मोदी सरकार की आलोचना

लैंड बिल पर बहस करने के राजग सरकार के अनुरोध को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बिल को किसान विरोधी बताते हुए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है। सोनिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार गरीब विरोधी है। कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सरकार समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ समझौता कर रही है।

सोनिया गांधी ने भूमि अधिग्रहण बिल के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नये विधेयक में लाए गए बदलाव का समर्थन नहीं करती है। गौरतलब है कि गडकरी ने सोनिया को इस मुंद्दे पर खुली बहस करने का अनुरोध किया था।

सोनिया ने सरकार से क्षुद्र राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठने और भूमि विधेयक को संपूर्ण रूप से वापस लेने को कहा। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं कर सकती जो किसानों को नुकसान पहुंचाता हो। उन्होंने कहा कि एकतरफा ढंग से किसान विरोधी कानून थोपने के बाद चर्चा का प्रस्ताव लाना, दलों के बीच आमसहमति बनाने का मखौल उड़ाना है।

 

Thursday, 26 February 2015

रेल बजट से पहले वेंकैया नायडू के बयान पर लोकसभा में हंगामा

बजट से पहले संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू के बयान पर बवाल इतना बढ़ गया कि इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने कहा कि वेंकैया नायडू जब तक अपने बयान के लिए खेद प्रकट नहीं मांगेंगे, तब तक लोकसभा की कार्यवाही चलने नहीं दी जाएगी। हालांकि वेंकैया नायडू का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है।

अपने बयान पर सफाई देते हुए वेंकैया नायडू ने कहा, 'मैंने सदन को बताया कि पिछली सरकार ने क्या किया और हम क्या करने की योजना बना रहे है। मुझे पता लगा है कि इससे कुछ लोगों को दुख पहुंचा। हालांकि मेरा किसी को दुख पहुंचाने का इरादा नहीं था। हम विपक्ष का सम्मान करते हैं। मैं हमेशा सदन को सच बताता हूं। मैंने कोई असंसदीय बात नहीं की है। कांग्रेस नेता ने जो बयान दिया, वो भी दर्ज है, लेकिन हमने उस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।'

उधर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार का दायित्व सभी दलों को साथ लेकर चलना होता है। उन्हें ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। वेंकैया नायडू को अपने बयान पर खुद खेद प्रकट करें। यह हमारे सम्मान की बात है। सोनिया गांधी ने भी कहा कि वेंकैया नायडू को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi