पीएम ने कहा कि ये आक्रोश किसी एक दल का नहीं है। यह आक्रोश पूरे देश का है और देश की एकता-अखंडता के लिए जो भी आवश्यक होगा, उस पर सरकार पीछे नहीं हटेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के निर्णय के बारे में भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। अलगाववादी समर्थकों को हम हमारा आक्रोश अभिव्यक्त करते हैं।जम्मू-कश्मीर सरकार ने केन्द्र से कोई सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि कुछ बातों पर हमने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।
गृहमंत्री ने कहा कि हम राजनीति सरकार नहीं देश बनाने के लिए करते हैं। मसर्रत अालम की रिहाई के बारे में जैसे ही सरकार को जानकारी हुई। सरकार ने तुरंत उसकी रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट के मुताबिक 1995 से अब तक उसके ऊपर कुल 27 मामले दर्ज हैं। उसे 2010 में गिरफ्तार किया गया था।
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