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Monday, 9 March 2015

मसर्रत पर महाभारत, पीएम बोले- ऐसी कोई हरकत बर्दाश्त नहीं

लगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने लोकसभा में मसर्रत का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। पहले तो सरकार ने गृहमंत्री से काम चलाने की कोशिश की। लेकिन विपक्ष पीएम के बयान के लिए अड़ा रहा। विपक्ष की मांग पर पीएम ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा जम्मू में सरकार में हिस्सेदार है, उसकी आलोचना का पूरा हक विपक्ष को है। लेकिन सरकार आपको आश्वस्त करना चाहती है कि ऐसी किसी भी हरकत को स्वीकार नहीं करती है। हमेशा संविधान की मर्यादाओं में कदम उठाए जाते रहे हैं। अब भी उठाए जा रहे हैं और आगे भी उठाए जाते रहेंगे।

पीएम ने कहा कि ये आक्रोश किसी एक दल का नहीं है। यह आक्रोश पूरे देश का है और देश की एकता-अखंडता के लिए जो भी आवश्यक होगा, उस पर सरकार पीछे नहीं हटेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के निर्णय के बारे में भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। अलगाववादी समर्थकों को हम हमारा आक्रोश अभिव्यक्त करते हैं।जम्मू-कश्मीर सरकार ने केन्द्र से कोई सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि कुछ बातों पर हमने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।

गृहमंत्री ने कहा कि हम राजनीति सरकार नहीं देश बनाने के लिए करते हैं। मसर्रत अालम की रिहाई के बारे में जैसे ही सरकार को जानकारी हुई। सरकार ने तुरंत उसकी रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट के मुताबिक 1995 से अब तक उसके ऊपर कुल 27 मामले दर्ज हैं। उसे 2010 में गिरफ्तार किया गया था।

Saturday, 7 March 2015

आतंकियों की रिहाई पर मुफ्ती के बयान का भाजपा ने किया विरोध

जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के गठबंधन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही ऐतिहासिक बता रहे हों, लेकिन इन सब के बीच राज्य में भाजपा और पीडीपी के मतभेद शुरुआती दिनों में ही ऊभरने शुरू हो गए हैं। राजनीतिक कैदियों की रिहाई पर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की टिप्पणी की भाजपा ने निंदा करते हुए कहा कि विवादित मुद्दों को उठाने की बजाए मुख्यमंत्री न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर ध्यान दें, तो बेहतर होगा।

भाजपा विधायक रवींद्र रैना ने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वो न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर ध्यान दें।भाजपा ऐसे किसी भी अध्यादेश का विरोध करेगी, जिसमें अलगाववादियों और आतंकियों को राहत देने की बात होगी।

मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अलगाववादियों और आतंकियों को राहत देने की वकालत की थी। मुफ्ती ने कहा था कि जम्मू कश्मीर सरकार जल्द ही राजनैतिक कैदियों को राहत देने के लिए अध्यादेश लाएगी। इस अध्यादेश के जरिए अलगाववादियों और आतंकियों को राहत देने की कोशिश की जाएगी। भाजपा ने कहा कि सरकार के ऐसे किसी भी अध्यादेश का पार्टी विरोध करेगी।

Wednesday, 4 March 2015

अपने मंत्रालय से खुश नहीं हैं सज्जाद, नहीं संभालेंगे कार्यभार!

जम्मू-कश्मीर में सत्तासीन हुई पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के बीच गतिरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा। पहले मुख्यमंत्री की विवादास्पद बयानबाजी, उसके बाद मंत्रालयों के विभाजन को लेकर दोनों दलों में रार और अब अलगाववाद को त्यागकर मुख्यधारा में लौटे पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन ने अपने विभागों पर नाराजगी जताते हुए सरकार के लिए नया संकट पैदा कर दिया है। सज्जाद के साथ-साथ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक इमरान अंसारी ने भी अपना पदभार ग्रहण करने से इनकार कर दिया है।

सज्जाद लोन ने बुधवार को अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सुबह कार्यालय जाने के बजाय जम्मू एयरपोर्ट से श्रीनगर के लिए हवाई जहाज पकड़ना बेहतर समझा। भाजपा के कोटे से मंत्री बने सज्जाद गनी लोन को विज्ञान प्रौद्योगिकी और पशुपालन विभाग का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि इमरान अंसारी को सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और युवा सेवा मामले विभाग दिए गए हैं।

Tuesday, 3 March 2015

संसद में मुफ्ती के बयान की निंदा करें पीएम मोदी: खड़गे

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में जम्मू एवं कश्मीर के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के विवादित बयान की निंदा करें। मुफ्ती ने मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद कहा था कि जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव के पीछे पाकिस्तान और हुर्रियत नेताओं का हाथ रहा।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को संसद में मुफ्ती के बयान से पल्ला झाड़ लिया था। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार और भाजपा जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के बयान से इत्तेफाक नहीं रखती है। पाकिस्तान में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के पीछे चुनाव आयोग, वहां की आवाम और सेना का मुख्य योगदान रखा।' साथ ही राजनाथ सिंह ने साफ किया कि यह बयान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विचार विमर्श करने के बाद दे रहे हैं। प्रधानमंत्री का भी इस मुद्दे पर यही रुख है।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती साहब को यह लगता है कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने में पाकिस्तान और हुर्रियत का हाथ रहा। लेकिन सच्चाई यह है कि इसके लिए जम्मू-कश्मीर की जनता और चुनाव आयोग जिम्मेदार है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि वह सदन में मुफ्ती के बयान की निंदा करें।'

 

Friday, 27 February 2015

मुफ्ती 25 मंत्रियों के साथ लेंगे शपथ, पीएम मोदी भी रहेंगे मौजूद

काफी माथा-पच्ची के बाद जम्मू कश्मीर में भाजपा- पीडीपी गठबंधन की सरकार सत्ता संभालने जा रही है। साझा सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में मुफ्ती मुहम्मद सईद रविवार को शपथ लेंगे। इससे पहले आज सईद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर नई सरकार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर अंतिम मुहर लगाई। दोनों के बीच करीब करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। बताया गया है कि भाजपा सरकार में गृह, वित्त और पीडब्लूडी मंत्रालय चाहती है। प्रधानमंत्री मोदी भी रविवार को शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि जम्मू कश्मीर शांति चाहता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत भी जरूरी है। मुफ्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर में भाजपा-पीडीपी सरकार लोगों की आकांक्षाओं पर खड़ी उतरेगी और प्रदेश में विकास की गति को रफ्तार मिलेगी। दिल्ली में मुफ्ती मोहम्मद सईद से भाजपा नेता जितेंद्र सिंह आैर राम माधव भी मिले। जितेंद्र सिंह का कहना है कि जम्मू कश्मीर में जनमत के मुताबिक यह सबसे अच्छा फैसला है।