Showing posts with label मसर्रत आलम. Show all posts
Showing posts with label मसर्रत आलम. Show all posts

Monday, 9 March 2015

पीएम के बयान पर बिफरा विपक्ष, कांग्रेस ने बताया 'घड़ियाली आंसू'

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई को लेकर आज संसद में खूब हंगामा हुआ। विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस मुद्दे पर सफाई दी, जिस पर कांग्रेस तंज कसते हुए कांग्रेस ने उसे घड़ियाली आंसू करार दिया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने संसद में दिए प्रधानमंत्री के बयान को स्पष्टीकरण कम और घड़ियाली आंसू ज्यादा बताया है। उनहोंने कहा कि गृहमंत्री ने अपने बयान में ये कहने की कोशिश की थी कि 2012 के बाद से मसर्रत आलम को जेल में बंद रखना गैरकानूनी था। इस बात को लेकर उन्होंने (मनीष तिवारी) प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या मसर्रत राजनीतिक कैदी नहीं है।

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने प्रधानमंत्री के जानकारी न होने वाले बयान को संदाहस्पद बताया है। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे घड़ियाली आंसू बहाने का दिखावा न करें बल्कि राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ ठोस नीति बनाएं।

मसर्रत पर महाभारत, पीएम बोले- ऐसी कोई हरकत बर्दाश्त नहीं

लगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने लोकसभा में मसर्रत का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। पहले तो सरकार ने गृहमंत्री से काम चलाने की कोशिश की। लेकिन विपक्ष पीएम के बयान के लिए अड़ा रहा। विपक्ष की मांग पर पीएम ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा जम्मू में सरकार में हिस्सेदार है, उसकी आलोचना का पूरा हक विपक्ष को है। लेकिन सरकार आपको आश्वस्त करना चाहती है कि ऐसी किसी भी हरकत को स्वीकार नहीं करती है। हमेशा संविधान की मर्यादाओं में कदम उठाए जाते रहे हैं। अब भी उठाए जा रहे हैं और आगे भी उठाए जाते रहेंगे।

पीएम ने कहा कि ये आक्रोश किसी एक दल का नहीं है। यह आक्रोश पूरे देश का है और देश की एकता-अखंडता के लिए जो भी आवश्यक होगा, उस पर सरकार पीछे नहीं हटेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के निर्णय के बारे में भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। अलगाववादी समर्थकों को हम हमारा आक्रोश अभिव्यक्त करते हैं।जम्मू-कश्मीर सरकार ने केन्द्र से कोई सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि कुछ बातों पर हमने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।

गृहमंत्री ने कहा कि हम राजनीति सरकार नहीं देश बनाने के लिए करते हैं। मसर्रत अालम की रिहाई के बारे में जैसे ही सरकार को जानकारी हुई। सरकार ने तुरंत उसकी रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट के मुताबिक 1995 से अब तक उसके ऊपर कुल 27 मामले दर्ज हैं। उसे 2010 में गिरफ्तार किया गया था।