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Monday, 9 March 2015

पीएम के बयान पर बिफरा विपक्ष, कांग्रेस ने बताया 'घड़ियाली आंसू'

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई को लेकर आज संसद में खूब हंगामा हुआ। विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस मुद्दे पर सफाई दी, जिस पर कांग्रेस तंज कसते हुए कांग्रेस ने उसे घड़ियाली आंसू करार दिया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने संसद में दिए प्रधानमंत्री के बयान को स्पष्टीकरण कम और घड़ियाली आंसू ज्यादा बताया है। उनहोंने कहा कि गृहमंत्री ने अपने बयान में ये कहने की कोशिश की थी कि 2012 के बाद से मसर्रत आलम को जेल में बंद रखना गैरकानूनी था। इस बात को लेकर उन्होंने (मनीष तिवारी) प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या मसर्रत राजनीतिक कैदी नहीं है।

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने प्रधानमंत्री के जानकारी न होने वाले बयान को संदाहस्पद बताया है। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे घड़ियाली आंसू बहाने का दिखावा न करें बल्कि राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ ठोस नीति बनाएं।

Saturday, 28 February 2015

घरेलू विनिर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए रोजगार बढ़ाएगी सरकार

बड़ी संख्या में रोजगारों के सृजन हेतु घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में पेश आम बजट 2015-16 में सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क में अनेक रियायतों की घोषणा की। कुछ खास कच्चे माल जैसे धातु पुर्जे, इन्सुलेटेड वायर एवं केबल, रेफ्रिजरेटर कम्प्रेशर के कलपुर्जों, वीडियो कैमरा के कंपाउंड्स इत्यादि पर सीमा शुल्क घटा दिया गया है।

इसी तरह लेथ मशीनों में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास कच्चे माल पर देय बुनियादी सीमा शुल्क को 7.5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी और एलसीडी/एलईडी टीवी पैनलों पर बुनियादी सीमा शुल्क को 10 फीसदी से घटाकर शून्य किया जा रहा है। पेसमेकर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशेष कच्चे माल पर सीवीडी और एसएडी से पूरी तरह छूट दी जा रही है।

 

Tuesday, 24 February 2015

भारी हंगामे के बीच लोकसभा में भूमि अधिग्रहण बिल पेश

संसद
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बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को लेकर संसद के सदनों में हंगामा जारी है। हंगामे के बीच ही ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में बिल पेश किया, जिसके बाद समूचे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट यह कर दिया।

शून्यकाल में कांग्रेस की ओर से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिंया ने मदर टेरेसा को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा की गई टिप्पणी का मुद्दा उठाया और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि टिप्पणी सदन के बाहर की गई है इसलिए सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

दूसरी अोर, राज्यसभा में सदन के नेता व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अब तक देश में 639 अध्यादेश के जरिये कानून लागू किए गए और उनमें से 80 फीसद कांग्रेस के शासनकाल में हुए। नेहरू के काल में 70 अध्यादेश लाए गए। संयुक्त मोर्चा सरकार के 18 महीने के कार्यकाल में 77 अध्यादेश लाए गए। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा यूपीए सरकार की जिस सरकार में मंत्री थे वह भी कई अध्यादेश पारित करा चुकी है। इसलिए अध्यादेश के जरिये संसद की अनदेखी का आरोप सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जब राज्यसभा में बिल पेश होगा तो सदस्य इस पर बहस करें और अगर किसी मुद्दे पर सहमति बनती है तो इसमें संशोधन भी किया जा सकता है। इस पर कांग्रेस के अानंद शर्मा ने कहा कि नेहरू के वक्त और आज के वक्त में बहुत अंतर है। जिस अध्यादेश का भाजपा विरोध करती थी वहीं काम उसकी सरकार क्यों कर रही है। कौन सा आपतकाल आ गया जो अध्यादेश लाया गया।

Source: Dainik Jagran News in Hindi