Friday, 27 March 2015

पार्टी में अपनी मनमानी चाहते थे केजरीवालः प्रशांत भूषण

शनिवार को होने वाली आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले पार्टी में तूफान मचा है। पता चला है कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के बाद पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता आनंद कुमार ने भी विद्रोह का झंडा बुलेद कर दिया है।

आज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस करके पार्टी पर हमला बोला। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि यह आंदोलन से पैदा हुई पार्टी है। लेकिन कार्यकर्ताओं का विश्वास टूटा है। हम पार्टी में स्वराज चाहते थे। हम चाहते थे पार्टी में पारदर्शिता लागू हो। हम चाहते थे कार्यकर्ता भी अपनी बातें खुल कर रख सकें। हमने संयोजक का मुद्दा कभी नहीं उठाया। यादव ने कहा, आम आदमी पार्टी कोई आम पार्टी नहीं है।पिछले एक महीने से कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उम्मीदें टूटी हैं।

यादव ने कहा, 'आम आदमी पार्टी में मर्यादा उल्लंघन की जांच आंतरिक लोकपाल से कराई जानी चाहिए। कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं, उनकी बात सुनी जाए। कांग्रेस और भाजपा की तरह कार्यकर्ताओं के साथ बर्ताव न किया जाए। हम जो पारदर्शिता का सिद्धांत सारी दुनिया पर लागू करते हैं, उसे अपने ऊपर भी लागू करें। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जितने खाली पद हैं, उन्हें सीक्रेट बैलेट के जरिए भर दिया जाए।'




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