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Monday, 9 March 2015

पीएम के बयान पर बिफरा विपक्ष, कांग्रेस ने बताया 'घड़ियाली आंसू'

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई को लेकर आज संसद में खूब हंगामा हुआ। विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस मुद्दे पर सफाई दी, जिस पर कांग्रेस तंज कसते हुए कांग्रेस ने उसे घड़ियाली आंसू करार दिया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने संसद में दिए प्रधानमंत्री के बयान को स्पष्टीकरण कम और घड़ियाली आंसू ज्यादा बताया है। उनहोंने कहा कि गृहमंत्री ने अपने बयान में ये कहने की कोशिश की थी कि 2012 के बाद से मसर्रत आलम को जेल में बंद रखना गैरकानूनी था। इस बात को लेकर उन्होंने (मनीष तिवारी) प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या मसर्रत राजनीतिक कैदी नहीं है।

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने प्रधानमंत्री के जानकारी न होने वाले बयान को संदाहस्पद बताया है। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे घड़ियाली आंसू बहाने का दिखावा न करें बल्कि राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ ठोस नीति बनाएं।

Saturday, 7 March 2015

'कैसे अच्छे दिन, अब तो श्रीलंका भी हमें धमकी देने लगा'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रम सिंघे द्वारा भारतीय मछुआरों को गोली मारने के विवादास्पद बयान दिए जाने पर कड़ी राजनीतिक प्रकियाएं सामने आ रही हैं। डीएमके के वरिष्ठ नेता टी के एस एलांगोवन ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा, पीएम मोदी को इस मसले पर बात करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी बयानबाजी दोबारा न हो सके।

उधर, कांग्रेस ने इस बयान पर प्रधानमंत्री को ही घेर लिया है। पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि ये किस तरह के अच्छे दिन हैं, जब श्रीलंका ने भी हमें चेतावनी देना शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि श्रीलंका के साथ रिश्ते मजबूत करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बीच द्वीपीय देश के प्रधानमंत्री रानिल विक्रम सिंघे ने भारतीय मछुआरों पर बेहद तल्ख बयान दे डाला। सिंघे ने कहा कि अगर भारतीय मछुआरे उनके जल क्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें गोली मारी जा सकती है।