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Friday, 27 March 2015

लैंड बिल पर सोनिया ने की मोदी सरकार की आलोचना

लैंड बिल पर बहस करने के राजग सरकार के अनुरोध को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बिल को किसान विरोधी बताते हुए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है। सोनिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार गरीब विरोधी है। कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सरकार समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ समझौता कर रही है।

सोनिया गांधी ने भूमि अधिग्रहण बिल के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नये विधेयक में लाए गए बदलाव का समर्थन नहीं करती है। गौरतलब है कि गडकरी ने सोनिया को इस मुंद्दे पर खुली बहस करने का अनुरोध किया था।

सोनिया ने सरकार से क्षुद्र राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठने और भूमि विधेयक को संपूर्ण रूप से वापस लेने को कहा। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं कर सकती जो किसानों को नुकसान पहुंचाता हो। उन्होंने कहा कि एकतरफा ढंग से किसान विरोधी कानून थोपने के बाद चर्चा का प्रस्ताव लाना, दलों के बीच आमसहमति बनाने का मखौल उड़ाना है।

 

Thursday, 19 March 2015

लैंड बिल पर गडकरी ने दिया सोनिया व अन्ना को खुली बहस का न्योता

भूमि अधिग्रहण बिल पर चौतरफा घिरी राजग सरकार के मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गांधीवादी अन्ना हजारे सहित राजनीतिक दल के नेताओं से इस मुद्दे पर खुली बहस करने का अनुरोध किया है। सरकार इस विधेयक को लोकसभा में पास करा चुकी है लेकिन उसके लिए इस बिल को राज्यसभा में पास कराना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि राज्यसभा में सरकार को बहुमत नहीं है।

उधर, कांग्रेस पार्टी मौके को भांपकर सरकार को इस मुद्दे पर बैकफुट पर लाने की कोशिश में जुट गई है। इस काम में कांग्रेस को अन्य विपक्षी पार्टियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस बात का अनुमान दो दिन पहले सोनिया के नेतृ्त्व में संसद से राष्ट्रपति भवन तक निकाले गए मार्च से लगाया जा सकता है। इस मार्च में कांग्रेस सहित 14 पार्टियां शामिल थी।

अब सरकार के खिलाफ इस अभियान में कांग्रेस को गांधीवादी अन्ना हजारे का सहयोग भी मिलता दिख रहा है। सरकार को घेरने में अब दोनों पास आते दिख रहे हैं। एेसे में सरकार की परेशानी बढ़ती जा रही है। उधर सरकार भी इस बिल पर झुकने को तैयार नहीं है।