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Thursday, 26 February 2015

विपक्ष और आम जनता ने रेल बजट को बताया निराशाजनक

विपक्ष आैर आम जनता ने सुरेश प्रभु द्वारा पेश रेल बजट को निराशाजनक बताया है। कांग्रेस नेता और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि इस रेल बजट से उन्हें निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह कह कर अपना पीठ तपथपाना चाह रही है कि रेल भाड़े में कोई वृद्धि नहीं की गई है लेकिन यह कहकर आम जनता से धोखा किया जा रहा है। जब हमने रेल बजट पेश किया था उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की जो कीमत थी अब आधी रह गई है। इसे देखते हुए रेल भाड़े में कमी की जानी चाहिए थी।

पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने भी रेल बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस बजट में कुछ है ही नहीं। कांग्रेस के राजीव शुक्ला, जयप्रकाश जायसवाल ने भी रेल बजट की आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक बताया है। इन लोगों का कहना है कि इसमें जो घोषणाएं हुई है उसपर भी कोई अमल नहीं होने वाला। बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रेल बजट को आंखों में धूल झोंकने वाला बताया है।

इसी तरह से आम जनता भी इस रेल बजट से संशय की स्थित में हैं। बजट में कोई नए ट्रेन की घोषणा नहीं की गई है। साथ ही सुरक्षा को लेकर भी कोई खास घोषणा नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि बजट में घोषणाएं तो हर बार होती है लेकिन उस पर अमल नहीं होता। इस लिए हमने सरकार से उम्मीद करनी ही छोड़ दी है। टिकटों को लेकर परेशान लोगों ने कहा कि इस समस्या को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
 

रेल बजट की 10 बातें जो डालेंगी आम आदमी पर प्रभाव

भारतीय रेल देश के विकास की रीढ़ कही जाती है। रेलवे लगभग 14 लाख कर्मचारियों के साथ दुनिया में सबसे ज़्यादा रोज़गार देने वाला विभाग है। इसलिए पूरा रेल बजट हर आमो-खास के बहुत महत्व रखता है। लेकिन रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा पेश किए गए रेल बजट-2015 में कुछ ऐसी घोषणाएं भी की गई हैं, जो आम आदमी पर बहुत ज्यादा प्रभाव डालेंगी।

रेलवे की माली हालत बेहद खराब होने की चर्चा से शुरू करते हुए सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए कहा, कुछ पुर्जे बदलने होंगे, कुछ इंजन बदलने पड़ेंगे। सोशल मीडिया से बजट के लिए हज़ारों सुझाव मिले हैं। अगले पांच वर्षों में रेलवे का कायाकल्प होगा। हालांकि इसके लिए केंद्र और राज्यों की सहभागिता जरूरी है।

विदेशी निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के मौके। मौजूदा व्यवस्था में सुधार लाएंगे। रेलवे को सुरक्षित। क्षमता में विस्तार करना 21 मिलियन से 30 मिलियन प्रति टन करेंगे। माल रेलवे को आत्मनिर्भर बनाना होगा

 


रेल बजट: किराया बढ़ा न नई ट्रेन, यात्री सुविधाओं पर जोर

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बृहस्पतिवार को रेल बजट 2015-16 लोकसभा में पेश किया। उन्होंने रेल किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं कि लेकिन रेलवे की दशा सुधारने के लिए माल ढुलाई में अवश्य बढ़ोतरी की। लीक से हटकर पेश इस बजट में कोई नहीं ट्रेन भी चलाने का निर्णय नहीं लिया गया। रेल मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि रेलवे के 95 फीसद यात्री आम लोग हैं और हमें इनके हितों, प्राथमिकताओं और शिकायतों का ख्याल रखना है।

30 हजार से ज्यादा मिले सुझाव

रेल मंत्री ने कहा कि हमने सोशल मीडिया पर सुझाव मांगे थे और लोगोंं के 30 हजार से ज्यादा सुझाव आए जिनमें से कई को हमने अपने बजट में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे का कायाकल्प करना मुमकिन है और इसे हम पांच साल में करके दिखाएंगे। प्रभु ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होेंने कहा कि प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोग रेल यात्रा करते हैं जिसे हम तीन करोड़ तक बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

पांच साल में 8.30 लाख करोड़ निवेश

सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे में हमारा अगले पांच साल में साढ़े अाठ लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य है। हम इसके लिए पीपीपी मॉडल अपनाएंगे तथा राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे को लेकर केंद्र-राज्य के बीच हम बेहतर समन्वय स्थापति करेंगे।

स्वच्छता पर विशेष जोर

रेल मंत्री ने रेलवे किराए में बढोतरी न करने का एलान किया। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत का नया नारा देते हुए कहा कि रेलवे में स्वच्छता अभियान को पूरी तरह से अंगीकार किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने एक अलग स्वच्छता विभाग बनाने की घोषणा की।