Friday, 27 March 2015

पीएम मोदी ने कहा जिन्‍हें जरूरत नहीं वो ना लें सब्सिडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ऊर्जा संगम -2015' सम्मेलन की शुरुआत आज दिल्ली के विज्ञान भवन में की। भारत की प्रमुख विदेशी तेल कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड की स्वर्ण जयंती के अवसर पर यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश तब मजबूत होता है जब उसका संस्थागत तंत्र मजबूत हो। दुनिया के छठवां हिस्सा ये कहकर नहीं रूक सकता कि हमारी ये समस्या है, होना चाहिए कि दुनिया की छठी आबादी बोले कि हम अपने कंधों पर उठाएंगे।

प्रधानमंत्री ने इसी के साथ सब्सिडी छोड़ो अभियान की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सरकार पर सब्सिडी का 40 हजार करोड़ का बोझ है। सरकार चाहती है कि जिनको जरूरत ना वो खुद छोड़ दें सब्सिडी और बाजार मूल्य पर गैस खरीदें। पीएम ने कहा कि जो लोग समृद्ध हैं, जिन्हें जरूरत नहीं उन्हें सब्सिडी नहीं लेनी चाहिए। इसके लिए आप पेट्रोलियम कंपनी या गैस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर सब्सिडी छोड़ सकते हैं।

 

अनुष्‍का को कोसने वालों को प्रियंका का करारा जवाब

वर्ल्ड कप के सेमी फाइनल मैच में विराट कोहली की खराब परफॉर्मेंस के लिए अनुष्का शर्मा को निशाना बनाया जा रहा है। चाहे फेसबुक हो या ट्विटर, हर जगह सोशल मीडिया पर अनुष्का शर्मा को कोसा जा रहा है, लेकिन सवाल यह भी सामने आ रहे हैं कि विराट कोहली की खराब परफॉर्मेन्स के लिए क्या अनुष्का शर्मा को दोषी ठहराया जाना सही है?

माना कि उनके बॉयफ्रेंड विराट कोहली का पिच पर अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन रहा, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या अपने बॉयफ्रेंड के लिए अनुष्का शर्मा का चीयर करना गलत है?

खैर, अनुष्का शर्मा के सपोर्ट में प्रियंका चोपड़ा खुलकर सामने आई हैं और उन्होंने ट्विटर पर उन पर हमला करने वालों पर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने ट्वीट किया है, 'सिर्फ एक गेम के लिए एक सर्पोटिव गर्लफ्रेंड को निशाना बनाना बहुत ही हॉरिबल है, जिसे उसने सिर्फ देखा है। बंद करो अपमान करना।'


Source: Bollywood News

'4 साल बाद' फिर वही कहानी दोहराई विराट ने

वर्ल्ड कप 2015 सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा उपकप्तान विराट कोहली ने एक बार फिर वही कहानी दोहराई जैसा उन्होंने चार साल पहले 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ किया था।

तो क्या इतने दिनों बाद भी वो ये समझ नहीं पाए कि वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मुकाबला किसी भी देश के लिए कितना अहम होता है। आइए एक नजर डालते हैं वर्ल्ड कप 2015 और 2011 सेमीफाइनल में विराट के प्रदर्शन पर-

2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में विराट का प्रदर्शन

भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप 2011 का सेमीफाइनल मुकाबला मोहाली में खेला गया था। इस मुकाबले में भी विराट का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 21 गेंदों में महज 9 रन बनाए थे। इसमें एक भी चौका या छक्का शामिल नहीं था। विराट इस मैच में तेज गेंदबाज बहाव रियाज का शिकार बने थे। रियाज ने उन्हें उमर अकमल के हाथों कैच करवाया था।

2015 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में विराट का प्रदर्शन

विराट कोहली वर्ल्ड कप 2015 सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुछ ज्यादा नहीं बदले। इस बार भी वो तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन का शिकार बने और कैच आउच हुए। जॉनसन ने विराट को विकेट कीपर ब्रैड हैडिन के हाथों कैच करवाया। पिछले वर्ल्ड कप मुकाबले में भी विराट का स्कोर दहाई अंक तक नहीं पहुंच पाया था इस बार भी वो महज एक रन बनाकर आउट हुए और उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया।

Source: Cricket News

लैंड बिल पर सोनिया ने की मोदी सरकार की आलोचना

लैंड बिल पर बहस करने के राजग सरकार के अनुरोध को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बिल को किसान विरोधी बताते हुए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है। सोनिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार गरीब विरोधी है। कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सरकार समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ समझौता कर रही है।

सोनिया गांधी ने भूमि अधिग्रहण बिल के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नये विधेयक में लाए गए बदलाव का समर्थन नहीं करती है। गौरतलब है कि गडकरी ने सोनिया को इस मुंद्दे पर खुली बहस करने का अनुरोध किया था।

सोनिया ने सरकार से क्षुद्र राजनीतिक मानसिकता से ऊपर उठने और भूमि विधेयक को संपूर्ण रूप से वापस लेने को कहा। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं कर सकती जो किसानों को नुकसान पहुंचाता हो। उन्होंने कहा कि एकतरफा ढंग से किसान विरोधी कानून थोपने के बाद चर्चा का प्रस्ताव लाना, दलों के बीच आमसहमति बनाने का मखौल उड़ाना है।

 

नसीरुद्दीन शाह का विवादित इंटरव्‍यू पाक मीडिया में छाया!

हाल ही में पाकिस्तान के सफल दौरे से भारत लौटे अभ्रिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने एक विवादित इंटरव्यू की वजह से सुर्खियों में छाए हुए हैं! इसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि भारत में पाकिस्तान के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है और उसकी छवि दुश्मन देश के तौर पर बनाने के लिए भारतीयों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है।

खबर है कि नसीरुद्दीन शाह का यह विवादित इंटरव्यू पाकिस्तान के सभी अखबारों और चैनलों पर छाया हुआ है। वहां के एक जानेमाने अंग्रेजी अखबार ने लिखा है, 'पाकिस्तान के सफल दौरे के बाद भारत लौटे नसीरुद्दीन शाह ने इस बात को लेकर चिंता जताई है कि उनके देश में पाकिस्तान के प्रति नफरत बढ़ रही है।'

इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी कहा है, 'मैं पाकिस्तान जाता रहता हूं। मुझे लगता है कि लोगों में संपर्क बना रहना चाहिए, क्योंकि राजनेता तो जरूरत पड़ने पर रंग बदल लेंगे। भारतीयों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है कि पाकिस्तान एक दुश्मन देश है। उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या रही है।'
 

अटल बिहारी वाजपेयी को आज घर जाकर भारत रत्‍न देंगे राष्ट्रपति

आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को भारत रत्न दिया जाएगा। बाजपेयी के स्वास्थ्य को देखते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उनके घर जाकर देश्ा का सर्वोच्च नागरिक सम्मान उन्हें प्रदान करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे। 31 मार्च को महामना मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न प्रदान किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के पद पर रहे हों या नेता प्रतिपक्ष.. बेशक देश की बात हो या क्रान्तिकारियों की, या फिर उनकी अपनी ही कविताओं की.. अटल बिहारी वाजपेयी की बरारबरी कोई नहीं कर सकता। भारत रत्न से उन्हें सम्मानित किए जाने की घोषणा पिछले वर्ष कर दी गई थी, अब आज यानी 27 मार्च को उन्हें यह रत्न दे दिया जाएगा। ऐसे महान अवसर पर आइए उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों पर नजर डालते हैं।

सव्यंसेवक से प्रधानमंत्री

25 दिसम्बर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी ने बीए की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। कानपुर के डीएवी कालेज से राजनीति शास्त्र में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई शुरू की। एलएलबी बीच में ही छोड़कर वे संघ के कार्य में जुट गए।

 

भारत की ली क्वान यू को श्रदांजलि, राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा

सिंगापुर के संस्थापक और पहले प्रधानमंत्री ली क्वान यू को श्रद्धांजलि देते हुए भारत सरकार में 29 मार्च 2015 को राष्ट्रीय शोक घोषणा की गई है। रविवार को पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया जाएगा। इस दौरान कोई भी आधिकारिक मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 मार्च को ली क्वान यू के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सिंगापुर भी जा रहा हैं। ली क्वान यू का निधन सोमवार (23 मार्च) को हो गया था, वे 91 साल के थे।

ली क्वान यू का 29 मार्च को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। भारत के साथ-साथ दूसरे देशों के राष्ट्र अध्यक्षों के ली क्वान यू के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है।

ली क्वान यू का पार्थिव शरीर सिंगापुर के संसद भवन में रखा गया है, ताकि आम जनता उनके आखिरी दर्शन कर सके। ली की मौत पर विश्व के कई नेताओं की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ली को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘वह एक दूरदृष्टि वाले राजनेता और एक अग्रणी नेता थे। ली क्वान यू का जीवन सभी लोगों को बहुमूल्य शिक्षा देता है। उनके निधन का समाचार दुखद है।’