आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को भारत रत्न दिया जाएगा।
बाजपेयी के स्वास्थ्य को देखते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उनके घर जाकर
देश्ा का सर्वोच्च नागरिक सम्मान उन्हें प्रदान करेंगे। इस अवसर पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे। 31 मार्च को
महामना मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न प्रदान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के पद पर रहे हों या नेता प्रतिपक्ष.. बेशक देश की बात हो या क्रान्तिकारियों की, या फिर उनकी अपनी ही कविताओं की.. अटल बिहारी वाजपेयी की बरारबरी कोई नहीं कर सकता। भारत रत्न से उन्हें सम्मानित किए जाने की घोषणा पिछले वर्ष कर दी गई थी, अब आज यानी 27 मार्च को उन्हें यह रत्न दे दिया जाएगा। ऐसे महान अवसर पर आइए उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों पर नजर डालते हैं।
सव्यंसेवक से प्रधानमंत्री
25 दिसम्बर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी ने बीए की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। कानपुर के डीएवी कालेज से राजनीति शास्त्र में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई शुरू की। एलएलबी बीच में ही छोड़कर वे संघ के कार्य में जुट गए।
प्रधानमंत्री के पद पर रहे हों या नेता प्रतिपक्ष.. बेशक देश की बात हो या क्रान्तिकारियों की, या फिर उनकी अपनी ही कविताओं की.. अटल बिहारी वाजपेयी की बरारबरी कोई नहीं कर सकता। भारत रत्न से उन्हें सम्मानित किए जाने की घोषणा पिछले वर्ष कर दी गई थी, अब आज यानी 27 मार्च को उन्हें यह रत्न दे दिया जाएगा। ऐसे महान अवसर पर आइए उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों पर नजर डालते हैं।
सव्यंसेवक से प्रधानमंत्री
25 दिसम्बर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी ने बीए की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। कानपुर के डीएवी कालेज से राजनीति शास्त्र में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई शुरू की। एलएलबी बीच में ही छोड़कर वे संघ के कार्य में जुट गए।
Source: National News