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Friday, 20 February 2015

राज्यपाल ने नीतीश कुमार को राजभवन बुलाया

जीतन राम मांझी के इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने जदयू के विधायक दल के नेता नीतीश कुमार को राजभवन बुलाया है। बताया जाता है कि राज्यपाल नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। नीतीश के साथ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, अशोक चौधरी, रामचंद्र पूर्वे, सदानंद सहित कई अन्य लोग भी राजभवन पहुंचे हैं। 

पूर्व मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जितनी जल्द सरकार बने, वह राज्य के हित के लिए अच्छा होगा। नीतीश जी के पास पूर्ण बहुमत है। उन्हें 130 विधायकों का समर्थन हासिल है। इसलिए बिना समय गंवाए राज्यपाल महोदय को सरकार गठन के लिए नीतीश जी को आमंत्रित करना चाहिए। नरेन्द्र नारायण यादव ने जीतन राम मांझी के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। अल्पमत सरकार का नेतृत्व करने वाले मांझी ने लोकतंत्र का गला घोंटने वाली भाजपा का समर्थन लेना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए मांझी जी ने सदन में बहुमत साबित करने से पहले मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पूरे खेल के पीछे भाजपा काम कर रही थी और उसने मांझी को समर्थन देकर अपने मंसूबे को सही साबित भी कर दिया। मगर मांझी के इस्तीफे से भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो गया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का जवाब जनता को देना पड़ेगा।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi 

Thursday, 19 February 2015

जेडीयू का सनसनीखेज आरोप, मांझी लगा रहे विधायकों की बोली

जदयू विधायक शैर्फुद्दीन
जदयू विधायक शैर्फुद्दीन
जदयू विधायक शैर्फुद्दीन ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि राजद सांसद पप्पू यादव की ओर से उन्हें मांझी को समर्थन देने के बदले पैसों का लालच दिया गया। जदयू की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस बातचीत का एक वीडियो भी जारी जारी किया। शैर्फुद्दीन शिवपुर से विधायक हैं। आरोप लगाया गया कि भाजपा सांसद पप्पू यादव को सपोर्ट कर रही है।

वहीं, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि विधायकों को पैसों और पदों का लालच देकर खरीदने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की सरकार महज 12 विधायकों के दम पर चल रही है। बिहार के मौजूदा राजनीतिक संकट के लिए उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा के मांझी सरकार को समर्थन देने की बात पर उन्होंने कहा कि उक्त बात से भाजपा का असली चेहरा लोगों के सामने आ गया।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi 

बिहार में जदयू को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा, भाजपा विधायक धरने पर

भाजपा विधायक
भाजपा विधायक
जनता दल यूनाइटेड [जदयू] को संख्या बल के आधार पर बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा दिया गया है। सचिवालय की ओर से इस मामले की सूचना गुरुवार को जारी कर दी गई। फिलहाल जदयू के पास 110 विधायक हैं जबकि पूर्व में मुख्य विपक्षी दल रही भाजपा के पास महज 87 विधायक ही हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में विजय चौधरी को चुना गया है।

विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के विरोध में भाजपा विधायक विधानसभा में सामने धरने पर बैठ गए हैं। सूचना जारी होते ही पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव ने सभी सरकारी सुविधाएं लौटा दी। करीब दो घंटे तक चले धरने में भाजपा विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद करीब पौने दो बजे धरना समाप्त करने का घोषणा कर दी गई।

विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी की ओर से बुधवार को बुलाई गई बैठक में उन्हें जद यू के विजय कुमार चौधरी को नेता प्रतिपक्ष और श्रवण कुमार को सचेतक की मान्यता देने के लिए अधिकृत कर दिया गया था। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने स्पीकर की मंशा पर सवाल उठाते हुए न सिर्फ बैठक का बहिष्कार किया, बल्कि उनपर जदयू के कार्यकर्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया।

गत सोमवार को भी बुलाई गई बैठक में नंदकिशोर यादव की आपत्ति और उनके दिल्ली में रहने के कारण इसमें कोई निर्णय नहीं हो सका था। बुधवार की बैठक में यादव सहित दल के सभी नेता मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष ने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने विजय कुमार चौधरी को सदन में जदयू विधायक दल का नेता और श्रवण कुमार को सचेतक की मान्यता देने की मांग की थी।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi