| भाजपा विधायक |
जनता दल यूनाइटेड [जदयू] को संख्या बल के आधार पर बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा दिया गया है। सचिवालय की ओर से इस मामले की सूचना गुरुवार को जारी कर दी गई। फिलहाल जदयू के पास 110 विधायक हैं जबकि पूर्व में मुख्य विपक्षी दल रही भाजपा के पास महज 87 विधायक ही हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में विजय चौधरी को चुना गया है।
विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के विरोध में भाजपा विधायक विधानसभा में सामने धरने पर बैठ गए हैं। सूचना जारी होते ही पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव ने सभी सरकारी सुविधाएं लौटा दी। करीब दो घंटे तक चले धरने में भाजपा विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद करीब पौने दो बजे धरना समाप्त करने का घोषणा कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी की ओर से बुधवार को बुलाई गई बैठक में उन्हें जद यू के विजय कुमार चौधरी को नेता प्रतिपक्ष और श्रवण कुमार को सचेतक की मान्यता देने के लिए अधिकृत कर दिया गया था। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने स्पीकर की मंशा पर सवाल उठाते हुए न सिर्फ बैठक का बहिष्कार किया, बल्कि उनपर जदयू के कार्यकर्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया।
गत सोमवार को भी बुलाई गई बैठक में नंदकिशोर यादव की आपत्ति और उनके दिल्ली में रहने के कारण इसमें कोई निर्णय नहीं हो सका था। बुधवार की बैठक में यादव सहित दल के सभी नेता मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष ने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने विजय कुमार चौधरी को सदन में जदयू विधायक दल का नेता और श्रवण कुमार को सचेतक की मान्यता देने की मांग की थी।
विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के विरोध में भाजपा विधायक विधानसभा में सामने धरने पर बैठ गए हैं। सूचना जारी होते ही पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव ने सभी सरकारी सुविधाएं लौटा दी। करीब दो घंटे तक चले धरने में भाजपा विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद करीब पौने दो बजे धरना समाप्त करने का घोषणा कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी की ओर से बुधवार को बुलाई गई बैठक में उन्हें जद यू के विजय कुमार चौधरी को नेता प्रतिपक्ष और श्रवण कुमार को सचेतक की मान्यता देने के लिए अधिकृत कर दिया गया था। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने स्पीकर की मंशा पर सवाल उठाते हुए न सिर्फ बैठक का बहिष्कार किया, बल्कि उनपर जदयू के कार्यकर्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया।
गत सोमवार को भी बुलाई गई बैठक में नंदकिशोर यादव की आपत्ति और उनके दिल्ली में रहने के कारण इसमें कोई निर्णय नहीं हो सका था। बुधवार की बैठक में यादव सहित दल के सभी नेता मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष ने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने विजय कुमार चौधरी को सदन में जदयू विधायक दल का नेता और श्रवण कुमार को सचेतक की मान्यता देने की मांग की थी।
Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
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