प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि चर्चा सार्थक रही। मोदी ने कहा कि हम समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं। हमें समस्याएं विरासत में मिली है। उन्होंने कहा कि हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि उनकी योजनाओं का नाम बदल रहे हैं। लेकिन मुद्दा नाम नहीं समस्या है। मोदी ने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार में इच्छाशक्ति है। हम समस्याओं का समाधान करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों को भरोसा है कि समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान हमारी सरकार का ही नहीं है, यह 125 करोड़ लोगों का अभियान है।
उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतिक सूझबूझ पर कभी शक न करें। मैं मनरेगा को कभी बंद नहीं करूंगा। लेकिन यह जान लीजिए कि मनरेगा आपके साठ सालों की विफलता का फल है। साठ साल बाद लोगों को गड्ढे खोदने के लिए भेजा गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों को भरोसा है कि समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान हमारी सरकार का ही नहीं है, यह 125 करोड़ लोगों का अभियान है।
उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतिक सूझबूझ पर कभी शक न करें। मैं मनरेगा को कभी बंद नहीं करूंगा। लेकिन यह जान लीजिए कि मनरेगा आपके साठ सालों की विफलता का फल है। साठ साल बाद लोगों को गड्ढे खोदने के लिए भेजा गया।
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