सुशासन और विकास करने का वादा कर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। आम जनता ने नरेंद्र मोदी पर विश्वास किया और उन्हें पूर्ण बहुमत दिया। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि देश में अब सुशासन होगा और विकास की लहर चलेगी। लेकिन क्या ऐसा हुआ है, मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल की मानें तो मोदी सरकार के कार्याकाल के दौरान देश में सांप्रदायिक हिंसाओं में इजाफा हुआ है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की वार्षिक रिपोर्ट में मोदी सरकार की काफी आलोचना की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में एनडीए सरकार के शासन के में सांप्रदायिक हिंसाएं बढ़ गई हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा में बढ़ोतरी हुई। सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए कहा गया है, 'चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक घटनाएं हुईं। इससे वहां पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। मोदी सरकार के दौरान नेताओं की जुबान भी बेलगाम रही है, कुछ नेताओं पर भी भड़काऊ भाषण देकर हिंसा भड़काने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की वार्षिक रिपोर्ट में मोदी सरकार की काफी आलोचना की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में एनडीए सरकार के शासन के में सांप्रदायिक हिंसाएं बढ़ गई हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा में बढ़ोतरी हुई। सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए कहा गया है, 'चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक घटनाएं हुईं। इससे वहां पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। मोदी सरकार के दौरान नेताओं की जुबान भी बेलगाम रही है, कुछ नेताओं पर भी भड़काऊ भाषण देकर हिंसा भड़काने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi
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