| अरुण जेटली |
लोकसभा में देश का आर्थिक सर्वे बृहस्पतिवार को पेश किया गया। इसके तुरंत बाद शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सेंसेक्स 245 अंक ऊपर चढ़ गया। आर्थिक सर्वेक्षण में बड़े-बड़े आर्थिक सुधारों की बात कही गई है। रिपोर्ट में बताया गया है चालू वित्त वर्ष 2014-15 में विकास दर 7.4 प्रतिशत है और 2015-16 में 8.1 फीसद का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद जताई गई है आने वाले वर्षों में विकास दर 10 फीसद तक पहुंच सकता है।
इसके साथ ही बताया गया कि वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.1 फीसद रखा गया है जो मुमकिन है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मोदी सरकार सब्सिडी को पूरी तरह खत्म नहीं करेगी। महंगाई दर में पिछले साल के मुकाबले काफी कमी आई है। आम बजट से पहले वित्त मंत्री हर साल संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हैं। पूरे देश की नजरें इस समय 28 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हुई हैं।
सर्वेक्षण में बताया गया कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8 फीसद की बढ़ोतरी का लक्ष्य, इसके लिए रेलवे में सार्वजनिक निवेश बढ़ाया जाएगा। साल 2014-15 में जीडीपी की दर 5.4 से 5.9 फीसद थी। जीडीपी की विकास दर मानसून पर बहुत अधिक निर्भर है। अगर इस साल भी देश में भरपूर बारिश नहीं होती है तो सरकार जीडीपी के लक्ष्य से पिछड़ सकती है।
इसके साथ ही बताया गया कि वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.1 फीसद रखा गया है जो मुमकिन है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मोदी सरकार सब्सिडी को पूरी तरह खत्म नहीं करेगी। महंगाई दर में पिछले साल के मुकाबले काफी कमी आई है। आम बजट से पहले वित्त मंत्री हर साल संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हैं। पूरे देश की नजरें इस समय 28 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हुई हैं।
सर्वेक्षण में बताया गया कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8 फीसद की बढ़ोतरी का लक्ष्य, इसके लिए रेलवे में सार्वजनिक निवेश बढ़ाया जाएगा। साल 2014-15 में जीडीपी की दर 5.4 से 5.9 फीसद थी। जीडीपी की विकास दर मानसून पर बहुत अधिक निर्भर है। अगर इस साल भी देश में भरपूर बारिश नहीं होती है तो सरकार जीडीपी के लक्ष्य से पिछड़ सकती है।
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