वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर सरकार को जोर होगा। साथ ही कर नीति में बदलाव किया जाएगा। फिलहाल जो कर नीति है वह दुनिया के स्तर पर ज्यादा है, लेकिन वास्तविक कर वसूली बहुत कम हो पाती है। इसलिए सरकार ऐसे उपाय लागू करेगी जिससे कर संग्रह बढ़े और कर की दरों में कटौती होगी।
सरकार जीएसटी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए संविधान संशोधन की जरुरत पड़ेगी। सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए जल्द ही संविधान संशोधन लाएगी। वित्त मंत्री के मुताबिक जीएसटी लागू होने से वस्तु और सेवाओं की लागत में कमी आएगी, इससे बाजार को फायदा होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि कारपोरेट दर 30 फीसदी है जो ज्यादा है। साथ ही सरकार केवल 23 फीसदी कर ही वसूल कर पाती है। दूसरी तरफ कारपोरेट सेक्टर को प्रोत्साहन के लिए अत्यधिक कर छूट दी जा रही है। इसलिए सरकार का लक्ष्य है अगले चार वर्षों में कारपोरेट करों की दर को 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दी जाए। जबकि उनको जो करों में छूट और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, उसे युक्तिसंगत बनाया जाएगा। अगर सरकार कारपोरेट सेक्टर को दिए जा रहे छूट में कोई कटौती करेगी तो उन्हें इस बारे में अग्रिम जानकारी दी जाएगी।