पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि बजट के इरादे तो अच्छे हैं, लेकिन कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा शनिवार को पेश किए गए 2015-16 के बजट को निराशाजनक बताया।
उनके मुताबिक, 1991 से देश की अर्थव्यवस्था (मनमोहन सिंह) के दिखाए रास्ते पर चल रही है। अरुण जेटली भी उसी राह पर चल रहे हैं।
नरसिंह राव सरकार में वित्त मंत्री के तौर पर 1991 में आर्थिक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करने वाले मनमोहन ने कहा कि यह बजट राजग सरकार के अच्छे इरादों को जाहिर करता है, लेकिन इसमें उद्देश्यों को हासिल करने के लिए किसी स्पष्ट योजना का अभाव है। बजट को निराशाजनक बताते हुए मनमोहन ने कहा कि मोदी सरकार ने बजट में बहुत सी घोषणाएं की हैं, लेकिन उन्हें लागू करने की कोई तरकीब नहीं बताई है।
उन्होंने कहा कि बहुत से कोष स्थापित किए गए, लेकिन उन्हें ठोस कार्य योजना में बदलने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री ने देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वालों व गरीब लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाआें के लिए अपर्याप्त धन आवंटन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के 70 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया।
उनके मुताबिक, 1991 से देश की अर्थव्यवस्था (मनमोहन सिंह) के दिखाए रास्ते पर चल रही है। अरुण जेटली भी उसी राह पर चल रहे हैं।
नरसिंह राव सरकार में वित्त मंत्री के तौर पर 1991 में आर्थिक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करने वाले मनमोहन ने कहा कि यह बजट राजग सरकार के अच्छे इरादों को जाहिर करता है, लेकिन इसमें उद्देश्यों को हासिल करने के लिए किसी स्पष्ट योजना का अभाव है। बजट को निराशाजनक बताते हुए मनमोहन ने कहा कि मोदी सरकार ने बजट में बहुत सी घोषणाएं की हैं, लेकिन उन्हें लागू करने की कोई तरकीब नहीं बताई है।
उन्होंने कहा कि बहुत से कोष स्थापित किए गए, लेकिन उन्हें ठोस कार्य योजना में बदलने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री ने देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वालों व गरीब लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाआें के लिए अपर्याप्त धन आवंटन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के 70 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया।
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