| तीस्ता सीतलवाड़ |
सुप्रीम कोर्ट ने चंदे के गबन की आरोपी गुजरात की सामाजिक कार्यकर्ता
तीस्ता सीतलवाड़ की अग्रिम जमानत की मियाद बढ़ा दी है। इस मामले की सुनवाई
आज सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच ने की थी। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अगर
सीतलवाड़ जांच में सहयोग नहीं करती हैं, तो गुजरात पुलिस उनकी जमानत रद
करने के लिए आवेदन कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला
सुरक्षित रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से पूछा कि आखिर तीस्ता सीतलवाड़ की
गिरफ्तारी क्यों जरूरी है? कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ और उनके एनजीओ को आदेश
दिया कि चंदा देने वाले सभी लोगों से जुड़े कागजात वह गुजरात पुलिस को
मुहैया कराएं। वहीं गुजरात पुलिस से भी कहा कि अगर सीतलवाड़ जांच के दौरान
सहयोग नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत रद करने के लिए आवेदन करे।
इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को चंदे के गबन मामले
में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़, उनके पति जावेद आनंद और अन्य की
अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार
लटक रही थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कुछ राहत देते हुए गिरफ्तारी
पर शुक्रवार तक के लिए रोक लगा दी। गौरतलब है कि तीस्ता, उनके पति जावेद और
गुजरात हिंसा में मारे गए कांग्रेस नेता एहसान जाफरी के बेटे तनवीर पर
वर्ष 2002 के दंगों की शिकार गुलबर्ग सोसाइटी में संग्रहालय बनाने के नाम
पर एकत्र चंदे के गबन का आरोप है।
Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi