जिले के मोहड़ी गांव में महाशिवरात्रि से ही दिलचस्प वाकया देखने को मिल रहा है। एक पखवाड़े से यहां पापुलर के पेड़ पर आपस में लिपटे पांच सांप दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने इन्हें शिव का अवतार मानकर यहां मंदिर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सरपंच शराफत अली, राजबीर, पूर्व सरपंच पालेवाला, जसमेर सिंह, शेर सिंह, नसीब सिंह, हवा सिंह, विनीत बैनीवाल, नाथीराम बरहेड़ी, बलजीत सिंह, दर्शनलाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि 17 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन ये सांप सतीश कुमार के खेतों में एक पापुलर के पेड़ पर आपस में लिपटे देखे गए थे। तभी से रोजाना यह दृश्य दिखाई दे रहा है। 6 से 8 फुट लंबे भूरे रंग के यह पांचों सांप सुबह होते ही पापुलर के पेड़ पर चढ़कर आपस में लिपट जाते हैं और दिन ढलने के बाद पेड़ से उतरकर गायब हो जाते हैं। इन्हें देखने के लिए दिनभर ग्रामीणों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन यह अपनी जगह से टस से मस नहीं होते।
सरपंच शराफत अली, राजबीर, पूर्व सरपंच पालेवाला, जसमेर सिंह, शेर सिंह, नसीब सिंह, हवा सिंह, विनीत बैनीवाल, नाथीराम बरहेड़ी, बलजीत सिंह, दर्शनलाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि 17 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन ये सांप सतीश कुमार के खेतों में एक पापुलर के पेड़ पर आपस में लिपटे देखे गए थे। तभी से रोजाना यह दृश्य दिखाई दे रहा है। 6 से 8 फुट लंबे भूरे रंग के यह पांचों सांप सुबह होते ही पापुलर के पेड़ पर चढ़कर आपस में लिपट जाते हैं और दिन ढलने के बाद पेड़ से उतरकर गायब हो जाते हैं। इन्हें देखने के लिए दिनभर ग्रामीणों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन यह अपनी जगह से टस से मस नहीं होते।
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