Friday, 13 February 2015

छलकती आंखों से विदा हुई बिटिया सोना, भावुक हुए सीएम शिवराज

सीएम शिवराज
सीएम शिवराज
मंगल गीत, विवाह की रस्में, स्वागत-सत्कार के बीच सुबह से खुशी व उत्साह का वातावरण सूरज की रोशनी के साथ मद्धिम होता हुआ उस समय बोझिल हो गया, जब दुल्हन बनी बिटिया सोना धर्म मां साधना सिंह के कांधे पर सिर रखकर सिसकने लगी। मां ने जब दिलासा देने के लिए सोना के सिर पर हाथ रखा तो उसकी आंखों से आंसुओं की अविरल धार बह निकली। यह देख बाबुल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गला भी भर आया। वे खुद को रोक नहीं पाए, भारी मन से सोना को सुखी गृहस्थ जीवन के लिए शुभाशीष देकर विदा किया।

सभी को भावुक कर देने वाला यह दृश्य बाढ़ वाले गणेश मंदिर परिसर में गुरुवार को उपस्थित हुआ। सोना के विवाह समारोह में प्रदेश सरकार के आठ मंत्रियों व कई आला अफसर तो थे ही, खासतौर पर हेलीकॉप्टर से महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदजी महाराज और गृहस्थ संत पंडित प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी भी पहुंचे। दोनों संतों की उपस्थिति में वरमाला का आयोजन हुआ। स्वामी अवधेशानंद ने नवयुगल को आशीर्वाद देते हुए इस शादी को आदर्श विवाह बताया। वहीं पंडित शास्त्री ने इसे परमार्थमूलक कार्यक्रम कहा। मंच पर करीब डेढ़ घंटे तक वर-वधु को आशीर्वाद देने का क्रम चला। शाम करीब 4 बजे गणेश मंदिर परिसर में दूल्हा दुल्हन ने सात फेरे लिए यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सपत्नीक मुख्यमंत्री ने सोना के पांव पखारे और कन्यादान किया।

बक्तरा में ड्राइवर की नौकरी करने वाले दूल्हे त्रिलोकचंद के पिता रघुवरसिंह से रहा न गया वे कह उठे समधी के रूप में मुख्यमंत्री को पाकर क्षेत्र में रुतबा बढ़ गया। वे अपनी बहू को बेटी मानकर ले जा रहे हैं। उसे हर खुशी देने की कोशिश करेंगे।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi



No comments:

Post a Comment