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| मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल |
दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों को सस्ती बिजली मुहैया कराने के लिए ऐसे वितरकों का रुख करने की योजना बना रही है, जो मौजूदा से कम कीमत में बिजली दें। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले दिल्लीवासियों से बिजली की दरें लगभग आधा करने का वादा किया था।
सूत्रों की मानें तो सस्ती बिजली देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के जरिए बिजली कंपनियों के खातों की जांच कराने की भी योजना बना रही है। पिछली सरकार के दौरान भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐसा कदम उठाया था। दरअसल, कैग विनोद राय ने आशंका जताई थी कि बिजली कंपनियां जानबूझ कर घाटा दिखा रही है, लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं।
आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में लोगों को अभी 1 से 200 यूनिट तक के लिए 4 रुपये और 201 से 400 यूनिट के लिए 5.95 रुपये प्रति यूनिट भुगतान करना होता है। लेकिन दिल्ली सरकार चाहती है कि वो ऐसे वितरकों से बिजली खरीदे जो उसे कम दरों पर बिजली दे। हालांकि बिजली कंपनियों और सरकार के बीच हुए एग्रीमेंट के कारण अभी ऐसा कर पाना संभव नहीं है।
सूत्रों की मानें तो सस्ती बिजली देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के जरिए बिजली कंपनियों के खातों की जांच कराने की भी योजना बना रही है। पिछली सरकार के दौरान भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐसा कदम उठाया था। दरअसल, कैग विनोद राय ने आशंका जताई थी कि बिजली कंपनियां जानबूझ कर घाटा दिखा रही है, लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं।
आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में लोगों को अभी 1 से 200 यूनिट तक के लिए 4 रुपये और 201 से 400 यूनिट के लिए 5.95 रुपये प्रति यूनिट भुगतान करना होता है। लेकिन दिल्ली सरकार चाहती है कि वो ऐसे वितरकों से बिजली खरीदे जो उसे कम दरों पर बिजली दे। हालांकि बिजली कंपनियों और सरकार के बीच हुए एग्रीमेंट के कारण अभी ऐसा कर पाना संभव नहीं है।
Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi

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