विश्व कप 2015 में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने अब तक 7 मैचों में पूरे 70 विकेट हासिल करके सभी टीमों को हैरान किया है। टूर्नामेंट से पहले टेस्ट सीरीज व ट्राइ सीरीज के दौरान जो गेंदबाज फ्लॉप नजर आ रहे थे वो अचानक से अब कहर बरपा रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर वो कौन सा फॉर्मूला है जिसके दम पर भारतीय गेंदबाजों ने विरोधी बल्लेबाजों को हैरान-परेशान किया है।
शॉर्ट गेंद और बाउंसर बना मुख्य हथियार
भारतीय गेंदबाजी का सबसे अहम पहलू यह नजर आया है कि तेज गेंदबाज लगातार शॉर्ट गेंदों पर विकेट चटका रहे हैं। कुल 70 में से 43 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए हैं और इन 43 विकेटों में से 25 विकेट शॉर्ट गेंद पर मिले हैं। टूर्नामेंट में एकमात्र मैच खेलने वाले भुवनेश्वर कुमार ने भी एक विकेट हासिल किया है। मोहित ने बाउंसर का प्रभावी इस्तेमाल किया, क्योंकि वह बाउंसर के साथ अपनी गति को नियंत्रित कर सकते हैं। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज और यूएई के मौजूदा कोच आकिब जावेद ने हाल में पर्थ में कहा था कि मोहित की बाउंसर सबसे प्रभावी है। यहां तक कि धौनी भी इस बात से सहमत हैं कि मोहित शॉर्ट बॉल का शानदार इस्तेमाल करते हैं।
शॉर्ट गेंद और बाउंसर बना मुख्य हथियार
भारतीय गेंदबाजी का सबसे अहम पहलू यह नजर आया है कि तेज गेंदबाज लगातार शॉर्ट गेंदों पर विकेट चटका रहे हैं। कुल 70 में से 43 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए हैं और इन 43 विकेटों में से 25 विकेट शॉर्ट गेंद पर मिले हैं। टूर्नामेंट में एकमात्र मैच खेलने वाले भुवनेश्वर कुमार ने भी एक विकेट हासिल किया है। मोहित ने बाउंसर का प्रभावी इस्तेमाल किया, क्योंकि वह बाउंसर के साथ अपनी गति को नियंत्रित कर सकते हैं। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज और यूएई के मौजूदा कोच आकिब जावेद ने हाल में पर्थ में कहा था कि मोहित की बाउंसर सबसे प्रभावी है। यहां तक कि धौनी भी इस बात से सहमत हैं कि मोहित शॉर्ट बॉल का शानदार इस्तेमाल करते हैं।

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