महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा है कि हाल की एक घटना के बाद मैने डीसीपी को निर्देश दिया है कि मेरे लिए ट्रैफिक को नहीं रोका जाए। आज कल वीआइपी कल्चर को लेकर हो रहे विरोध के बीच फड़नवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले ही दिन मैने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया था कि मेरे लिए कभी ट्रैफिक को नहीं रोका जाए।
फड़नवीस ने कहा कि बिना किसी खतरे के अगर ट्रैफिक को कभी रोका गया तो रिपोर्ट तलब कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कई बार देखा गया है कि वीआइपी के लिए ट्रैफिक को काफी समय तक रोक कर रखा जाता है इस दौरान गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों को बे वजह रुकना पड़ता है और कभी- कभी उनकी मौत भी हो जाती है।
प्रदेश के स्वाइन फ्लू के चपेट में आने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर फड़नवीस ने कहा कि इसके 90 फीसद मामले मुंबई, पुणे, नागपुर, लाटूर और औरंगाबाद में पाए गए हैं। इस समस्या से हम गंभीरता से निबटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश ने खतरे को और बढ़ा दिया है। इस बीमारी को लेकर अभी 15 क्रिटिकल है। हमने जिले के कलेक्टरों और स्वास्थ्य सचिव को इस पर गंभीरता से नजर रखने को कहा है।
फड़नवीस ने कहा कि बिना किसी खतरे के अगर ट्रैफिक को कभी रोका गया तो रिपोर्ट तलब कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कई बार देखा गया है कि वीआइपी के लिए ट्रैफिक को काफी समय तक रोक कर रखा जाता है इस दौरान गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों को बे वजह रुकना पड़ता है और कभी- कभी उनकी मौत भी हो जाती है।
प्रदेश के स्वाइन फ्लू के चपेट में आने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर फड़नवीस ने कहा कि इसके 90 फीसद मामले मुंबई, पुणे, नागपुर, लाटूर और औरंगाबाद में पाए गए हैं। इस समस्या से हम गंभीरता से निबटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश ने खतरे को और बढ़ा दिया है। इस बीमारी को लेकर अभी 15 क्रिटिकल है। हमने जिले के कलेक्टरों और स्वास्थ्य सचिव को इस पर गंभीरता से नजर रखने को कहा है।
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