विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा नए मार्ग के जरिए सिक्किम स्थित नाथूला दर्रे से 18 जून को शुरू होगी।
सुषमा ने कहा, 'नए मार्ग से यात्रा 18 जून से शुरू होगी, जबकि लिपुलेख मार्ग आठ जून को खुलेगा। उन्होंने बताया कि कुल 18 जत्थे पुराने मार्ग से भेजे जाएंगे। प्रत्येक जत्थे में 60-60 सदस्य होंगे। पांच जत्थे नाथूला मार्ग से भेजे जाएंगे। इन जत्थों में 50-50 सदस्य होंगे। विदेश मंत्री ने तीर्थयात्रा के लिए एक समर्पित वेबसाइट भी शुरू की।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की गत सितंबर में हुई भारत यात्रा के दौरान भारत और चीन ने नाथूला वैकल्पिक मार्ग से यात्रा शुरू किए जाने को लेकर समझौते पर दस्तखत किए थे। समझौता उत्तराखंड स्थित मौजूदा लिपुलेख दर्रे के अतिरिक्त नाथूला से भी यात्रा किए जाने का विकल्प उपलब्ध कराता है।
सुषमा ने कहा, 'पिछले साल तक यात्रियों को लिपुलेख दर्रे के जरिए यात्रा करने में मुश्किल क्षेत्र से गुजरना होता था। आम तौर पर युवा और मजबूत लोग ही इस मार्ग से यात्रा कर पाते थे। लेकिन नाथूला दर्रे से गुजरने वाला मार्ग मोटर वाहनों के पूरी तरह योग्य है जिससे कमजोर लोग वहां पहुंचने के लिए वाहन का सहारा ले सकते हैं।
सुषमा ने कहा, 'नए मार्ग से यात्रा 18 जून से शुरू होगी, जबकि लिपुलेख मार्ग आठ जून को खुलेगा। उन्होंने बताया कि कुल 18 जत्थे पुराने मार्ग से भेजे जाएंगे। प्रत्येक जत्थे में 60-60 सदस्य होंगे। पांच जत्थे नाथूला मार्ग से भेजे जाएंगे। इन जत्थों में 50-50 सदस्य होंगे। विदेश मंत्री ने तीर्थयात्रा के लिए एक समर्पित वेबसाइट भी शुरू की।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की गत सितंबर में हुई भारत यात्रा के दौरान भारत और चीन ने नाथूला वैकल्पिक मार्ग से यात्रा शुरू किए जाने को लेकर समझौते पर दस्तखत किए थे। समझौता उत्तराखंड स्थित मौजूदा लिपुलेख दर्रे के अतिरिक्त नाथूला से भी यात्रा किए जाने का विकल्प उपलब्ध कराता है।
सुषमा ने कहा, 'पिछले साल तक यात्रियों को लिपुलेख दर्रे के जरिए यात्रा करने में मुश्किल क्षेत्र से गुजरना होता था। आम तौर पर युवा और मजबूत लोग ही इस मार्ग से यात्रा कर पाते थे। लेकिन नाथूला दर्रे से गुजरने वाला मार्ग मोटर वाहनों के पूरी तरह योग्य है जिससे कमजोर लोग वहां पहुंचने के लिए वाहन का सहारा ले सकते हैं।
Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi

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