भारतीय रेल देश के विकास की रीढ़ कही जाती है। रेलवे लगभग 14 लाख कर्मचारियों के साथ दुनिया में सबसे ज़्यादा रोज़गार देने वाला विभाग है। इसलिए पूरा रेल बजट हर आमो-खास के बहुत महत्व रखता है। लेकिन रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा पेश किए गए रेल बजट-2015 में कुछ ऐसी घोषणाएं भी की गई हैं, जो आम आदमी पर बहुत ज्यादा प्रभाव डालेंगी।
रेलवे की माली हालत बेहद खराब होने की चर्चा से शुरू करते हुए सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए कहा, कुछ पुर्जे बदलने होंगे, कुछ इंजन बदलने पड़ेंगे। सोशल मीडिया से बजट के लिए हज़ारों सुझाव मिले हैं। अगले पांच वर्षों में रेलवे का कायाकल्प होगा। हालांकि इसके लिए केंद्र और राज्यों की सहभागिता जरूरी है।
विदेशी निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के मौके। मौजूदा व्यवस्था में सुधार लाएंगे। रेलवे को सुरक्षित। क्षमता में विस्तार करना 21 मिलियन से 30 मिलियन प्रति टन करेंगे। माल रेलवे को आत्मनिर्भर बनाना होगा
रेलवे की माली हालत बेहद खराब होने की चर्चा से शुरू करते हुए सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए कहा, कुछ पुर्जे बदलने होंगे, कुछ इंजन बदलने पड़ेंगे। सोशल मीडिया से बजट के लिए हज़ारों सुझाव मिले हैं। अगले पांच वर्षों में रेलवे का कायाकल्प होगा। हालांकि इसके लिए केंद्र और राज्यों की सहभागिता जरूरी है।
विदेशी निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के मौके। मौजूदा व्यवस्था में सुधार लाएंगे। रेलवे को सुरक्षित। क्षमता में विस्तार करना 21 मिलियन से 30 मिलियन प्रति टन करेंगे। माल रेलवे को आत्मनिर्भर बनाना होगा
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