Friday, 13 February 2015

एवरेस्ट चोटी
एवरेस्ट चोटी
एवरेस्ट की चोटी फतह करने के सपने बुनने वाली महिला को उसकी शादी, बच्चे हीं नहीं, जानलेवा रोगों के कारण आई विकलांगता भी उसको रोक नहीं पाई। अब वह स्वस्थ हैं। महिला के चट्टान जैसे बुलंद इरादों के आगे सभी ने हार मानी। उसने कई चोटियों को फतह करते हुए 2013 में 17 हजार फीट ऊंची रेथांग ग्लेशियर को फतह कर डाला। मगर एवरेस्ट चोटी फतह करने के लिए आर्थिक तंगी सामने आ गई तो महिला पर्वतारोही ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने महिला का जज्बा देख उसके सपने को उड़ान देने के लिए 20 जून, 2013 को जिले के डीएम को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी, लेकिन 17 महीने से रिपोर्ट जिले के अधिकारियों की फाइलों में दफन है।

पर्वतारोही विन्नी दीक्षित नोएडा के सेक्टर-71 में पति और बच्चों के साथ रहती हैं। वह प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद से ताल्लुक रखती हैं। वह एवरेस्ट की चोटी को फतह करने के सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री के जनता दरबार में दो बार जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके पर्वता रोहण को बढ़ावा देने के लिए जिले से रिपोर्ट मांगी थी, ताकि वह एवरेस्ट की चोटी को फतह कर प्रदेश का नाम रोशन कर सके। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही विन्नी दीक्षित की फाइल के मद्देनजर जिले के डीएम को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी।

Source: Dainik Jagran Latest News in Hindi 
 

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